रेडलाइट: वर्जित क्षेत्रक कथायात्रा
दीपिका झाक कथा-संग्रह 'रेडलाइट' मैथिली कथासाहित्य मे एकटा एहन वर्जित क्षेत्र मे प्रवेश करबाक साहस करैत अछि, जाहि विषय पर सामान्यतया मैथिल समाज बातो कर' नहि चाहैत अछि। वर्जित क्षेत्रसँ आशय ई जे ओ एहन विषय सभ पर कथा लिखैत छथि जे समाज मे ' टैबू ' मानल जाइत अछि। एहि 'निषिद्ध' परिक्षेत्र मे दीपिका निधोक प्रवेश करैत छथि। स्त्रीक मासिक धर्मक प्रसंग हो वा प्रेमहीन दाम्पत्य-रतिक प्रश्न, सेक्स वर्करक दुःखद गलीज जीवन हो वा लिव-इन रिलेशनशिप, बिनु बियाहे मातृत्व प्राप्त करबाक आकांक्षा हो अथवा परिवारक भीतर होइत यौन शोषण (Intrafamilial Sexual Abuse)—एहि सभ विषयकेँ ओ अपन कथाक केन्द्र बनबैत छथि। स्त्री-विमर्शक आधा-छिधा समझ केर आधार पर एहि कथा सभ केँ खारिज कऽ देब अथवा अनावश्यक कहि देब जतेक सरल, ओतबे कठिन एहि कथासभक प्रश्नसभ सँ मुठभेड़ करब, ओकर अनिवार्यता बुझब आ ओकर मर्म धरि पहुँचब। कारण ई जे संकलित कथा सभ एहन सार्वभौमिक विषय पर चर्चा नहि करैत अछि जाहिसँ कोनो व्यक्तिगत असुविधा हो। गरीबी, लाचारी, विवाह दान, भ्रष्टाचार जेहन अपेक्षाकृत सुरक्षित विषय सभक बदला ई कथा अ...